AI की मदद से हत्या की साजिश रचने का आरोप, बेंगलुरु ट्रिपल मर्डर केस में बड़ा खुलासा

दिनांक : 2026-10-07 00:04:00

बेंगलुरु। बेंगलुरु के कृष्णराजपुरा क्षेत्र के सीगेहल्ली में जून में हुए ट्रिपल मर्डर मामले की जांच में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, मामले के आरोपी 25 वर्षीय टेक कर्मचारी जे. केनेथ ने अपनी लिव-इन पार्टनर श्वेता के माता-पिता और बहन की हत्या से पहले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से हमले की तैयारी की थी।

पुलिस जांच के दौरान आरोपी के लैपटॉप की सर्च हिस्ट्री में AI से की गई कई ऐसी पूछताछ सामने आईं, जिनसे उसके हमले की तैयारी करने की आशंका मजबूत हुई। पुलिस के अनुसार, केनेथ ने लोगों पर हमला करने, उन्हें नुकसान पहुंचाने और ऐसी परिस्थितियों से निपटने के तरीकों के बारे में AI से जानकारी मांगी थी। हालांकि, पुलिस अभी यह पता नहीं लगा सकी है कि AI सिस्टम ने इन सवालों के जवाब में क्या जानकारी दी थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ये सवाल फोरेंसिक जांच के दौरान लैपटॉप की स्क्रीन पर दिखाई देने वाले सर्च सुझावों और हिस्ट्री से सामने आए। जांच एजेंसियां इस डिजिटल साक्ष्य को मामले की अन्य जानकारियों के साथ जोड़कर देख रही हैं।

क्राइम सीन से मिली संदिग्ध बोतल

जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से सिरके और मिर्च पाउडर के मिश्रण वाली एक बोतल भी मिली है। पुलिस ने इसे फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। व्हाइटफील्ड डिवीजन के डीसीपी सैदुलु अदावत के मुताबिक, बरामद सामग्री की जांच एफएसएल में की जा रही है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केनेथ AI से नियमित तौर पर बातचीत करता था और उसे एक दोस्त की तरह मानता था। अधिकारी के अनुसार, आरोपी ने AI से हत्या की सजा या अपने कथित कृत्य को सही ठहराने जैसे सवाल नहीं किए थे। पुलिस अब उसके डिजिटल व्यवहार और हत्या की घटना के बीच संबंध की जांच कर रही है।

लोन और आर्थिक दबाव बना विवाद की वजह

सिटी कोर्ट में दाखिल करीब 2,085 पन्नों की चार्जशीट के अनुसार, हत्या की वारदात के पीछे आर्थिक विवाद और कर्ज का दबाव अहम कारण बताया गया है। पुलिस के मुताबिक, केनेथ की लिव-इन पार्टनर श्वेता ने करीब एक साल के भीतर उसकी मदद के लिए कुल 52 लाख रुपये का कर्ज लिया था। इसमें लगभग 30 लाख रुपये का बिजनेस लोन, दो बैंकों से 8 लाख और 6 लाख रुपये के पर्सनल लोन तथा दोस्तों, रिश्तेदारों, सहपाठियों और सहकर्मियों से लिए गए करीब 8 लाख रुपये शामिल थे।

जब श्वेता के माता-पिता को इस कर्ज की जानकारी हुई तो उन्होंने इस पर आपत्ति जताई। चार्जशीट के अनुसार, श्वेता के पिता सोमसुंदर ने केनेथ से कर्ज की रकम और उसके इस्तेमाल को लेकर सवाल किए थे। परिवार को बैंकों की ओर से कर्ज चुकाने के लिए नोटिस भी मिल रहे थे।

22 जून की रात खूनी संघर्ष

पुलिस के अनुसार, 22 जून की रात केनेथ सीगेहल्ली स्थित साई ग्रीन अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में श्वेता के परिवार के फ्लैट में पहुंचा। वहां कर्ज और आर्थिक मामलों को लेकर विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते मामला हिंसक हो गया। आरोप है कि केनेथ ने श्वेता के पिता सोमसुंदर (55), मां मुथुलक्ष्मी (50) और बहन सुप्रिया (20) पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में तीनों की मौत हो गई। चार्जशीट में दर्ज श्वेता के बयान के अनुसार, उसने अपने माता-पिता और बहन पर हुए हमले को अपनी आंखों के सामने देखा। पुलिस ने इस बयान को मामले की जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य के तौर पर शामिल किया है।

डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच

पुलिस अब हत्या के पीछे कथित आर्थिक विवाद के साथ-साथ आरोपी की डिजिटल गतिविधियों की भी गहन जांच कर रही है। लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिले डेटा को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी ने AI से की गई पूछताछ के बाद वास्तव में क्या कदम उठाए और डिजिटल गतिविधियों का घटना से कितना सीधा संबंध था। मामले में चार्जशीट दाखिल हो चुकी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत में जारी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *