उत्तराखण्ड में 4.9 तीव्रता का भूकंप, बागेश्वर-चमोली से दिल्ली-NCR तक महसूस हुए झटके

दिनांक : 2026-10-07 00:26:00

देहरादून : उत्तराखंड में मंगलवार रात भूकंप के तेज झटकों से लोगों में दहशत फैल गई। रात करीब 10:23 बजे आए भूकंप के झटके उत्तराखंड के कई हिस्सों में महसूस किए गए। इसके अलावा दिल्ली-NCR और उत्तर भारत के कुछ अन्य इलाकों में भी लोगों ने धरती में कंपन महसूस किया। 

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.9 रही। भूकंप का केंद्र उत्तराखंड के चमोली क्षेत्र में था और इसकी गहराई करीब 13 किलोमीटर दर्ज की गई। NCS के अनुसार भूकंप का स्थान लगभग 30.103° उत्तरी अक्षांश और 79.561° पूर्वी देशांतर पर था। 

 

बागेश्वर समेत इन इलाकों में महसूस हुए झटके

भूकंप के झटके उत्तराखंड के कई इलाकों में महसूस किए जाने की सूचना है। बागेश्वर, चमोली, पिथौरागढ़, हल्द्वानी, भीमताल, ऋषिकेश और बदरीनाथ समेत कई स्थानों पर लोगों ने कंपन महसूस किया। कुछ रिपोर्टों में देहरादून समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी झटके महसूस होने की जानकारी सामने आई है। 

 

दिल्ली-NCR तक महसूस हुई धरती में कंपन

भूकंप का असर उत्तराखंड तक सीमित नहीं रहा। दिल्ली-NCR, नोएडा और गाजियाबाद में भी लोगों ने भूकंप के झटके महसूस किए। कई जगहों पर लोग एहतियातन घरों से बाहर निकल आए। 

 

भूकंप की तीव्रता को लेकर अलग-अलग आंकड़े

भूकंप की तीव्रता को लेकर शुरुआती अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में थोड़ा अंतर सामने आया है। NCS ने 4.9 तीव्रता और 13 किलोमीटर गहराई बताई है, जबकि EMSC ने 5.1 तीव्रता और करीब 10 किलोमीटर गहराई बताई। Reuters ने भी EMSC के 5.1 के आंकड़े को रिपोर्ट किया है। इसलिए समाचार प्रकाशन के लिए NCS के आधिकारिक 4.9 वाले आंकड़े को प्राथमिकता देना ज्यादा उचित है। 

 

अभी तक बड़े नुकसान की सूचना नहीं

शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक फिलहाल भूकंप से किसी बड़े जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि स्थानीय स्तर पर स्थिति की जानकारी प्रशासन और संबंधित विभागों से अपडेट की जा रही है। 

 

उत्तराखंड में क्यों आते हैं भूकंप?

उत्तराखंड हिमालयी क्षेत्र में स्थित है और यह क्षेत्र भूकंपीय गतिविधियों के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। हिमालय का निर्माण और क्षेत्र की लगातार जारी टेक्टोनिक गतिविधियां यहां भूकंप आने का प्रमुख भूगर्भीय कारण हैं।

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