जोशीमठ में जाम से त्राहिमाम, 3-4 घंटे में भी पार नहीं हो रहा रास्ता

दिनांक : 2026-10-30 16:53:00

  • 7-8 हजार यात्रियों की आवाजाही में चरमराई यातायात व्यवस्था,
  • शिकायतों और खबरों के बाद भी समाधान नहीं

गोपेश्वर (चमोली)। शिकायत करते-करते थक गए, लेकिन जोशीमठ में जाम की समस्या जस की तस है। अधिकारी सुनने को तैयार नहीं और जनप्रतिनिधियों की ओर से भी कोई ठोस पहल नजर नहीं आ रही। हालात ऐसे हैं कि जोशीमठ से मारवाड़ी पुल तक पहुंचने में यात्रियों को तीन से चार घंटे तक जाम में फंसना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, इन दिनों प्रतिदिन करीब सात से आठ हजार यात्री आवाजाही कर रहे हैं। मई-जून में जब यात्रियों की संख्या 25 से 30 हजार तक पहुंचती थी, तब भी जाम लगता था, लेकिन मौजूदा हालात में कम यात्री संख्या के बावजूद यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित है। इससे स्थानीय लोगों के साथ बदरीनाथ धाम और आसपास के क्षेत्रों में जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

जाम अब केवल यात्रियों की परेशानी नहीं, बल्कि स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही के लिए भी बड़ी बाधा बन गया है। सवाल यह है कि जब समस्या लगातार सामने है, तो वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने, सुरक्षा कार्यों के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था बनाने और प्रमुख स्थानों पर यातायात कर्मियों की तैनाती के लिए प्रभावी कदम कब उठाए जाएंगे।

गेट सिस्टम भी बेअसर, सड़क पर घंटों इंतजार

बताया जा रहा है कि जोशीमठ में चल रहे सुरक्षा कार्यों के चलते ठेकेदार की ओर से नरसिंह मंदिर मार्ग पर वाहनों को रोका जा रहा है। हाथी पहाड़ पर भी वाहनों को रोकने और गेट सिस्टम लागू करने के बावजूद जाम से राहत नहीं मिल पा रही है। इससे यातायात प्रबंधन की प्रभावशीलता पर सवाल उठ रहे हैं।

खबरें छपीं, शिकायतें हुईं, व्यवस्था नहीं सुधरी

जाम की समस्या को लेकर स्थानीय लोग कई बार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने अपनी परेशानी रख चुके हैं। सोशल मीडिया और समाचार पत्रों में भी यह मुद्दा लगातार उठता रहा है, लेकिन लोगों का आरोप है कि धरातल पर प्रभावी ट्रैफिक प्लान दिखाई नहीं दे रहा। यातायात व्यवस्था संभालने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की नियमित मौजूदगी और निगरानी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *