दिनांक : 2026-08-06 16:23:00
- ₹75 हजार की सहायता से शुरू किया व्यवसाय, आज हर माह 25 से 30 हजार रुपये की आय; अन्य महिलाओं के लिए बनीं प्रेरणा
चमोली। जनपद के अणीमठ गांव की रश्मि देवी ने सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बीच आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिखी है। राज्य सरकार की रीप (रूरल एंटरप्राइज एक्सेलेरेशन प्रोजेक्ट) परियोजना से प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आर्थिक सहायता मिलने के बाद उन्होंने गांव में रेस्टोरेंट व्यवसाय शुरू किया। आज उनका यह उद्यम न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहा है, बल्कि क्षेत्र की महिलाओं के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
अणीमठ गांव की निवासी रश्मि देवी ने साबित कर दिया कि यदि अवसर और सही मार्गदर्शन मिल जाए तो सीमित संसाधन भी सफलता की राह में बाधा नहीं बनते। राज्य सरकार की स्वरोजगारोन्मुखी पहल और रीप (रूरल एंटरप्राइज एक्सेलेरेशन प्रोजेक्ट) के सहयोग से उन्होंने अपना स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है।
सिद्धनाथ स्वयं सहायता समूह की सदस्य तथा जय माँ गढ़ी भवानी ग्राम संगठन, पर्णखंडेश्वरी क्लस्टर से जुड़ी रश्मि देवी को रीप परियोजना के तहत 17 सितंबर 2025 को रेस्टोरेंट व्यवसाय शुरू करने के लिए 75 हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई। प्रशिक्षण और मार्गदर्शन मिलने के बाद उन्होंने अपने गांव में एक छोटा रेस्टोरेंट शुरू किया।
व्यवसाय की शुरुआत आसान नहीं रही, लेकिन मेहनत, आत्मविश्वास और ग्राहकों को बेहतर सेवाएं देने की उनकी प्रतिबद्धता ने धीरे-धीरे उन्हें सफलता दिलाई। आज उनका रेस्टोरेंट स्थानीय लोगों के साथ-साथ क्षेत्र में आने वाले पर्यटकों की भी पसंद बन चुका है।
रश्मि देवी वर्तमान में अपने रेस्टोरेंट से प्रतिमाह लगभग 25 से 30 हजार रुपये की आय अर्जित कर रही हैं। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है। बच्चों की शिक्षा, घरेलू जरूरतों और भविष्य की योजनाओं को अब नई मजबूती मिली है।
रश्मि देवी का कहना है कि यदि रीप परियोजना का सहयोग नहीं मिला होता तो उनका सपना शायद कभी साकार नहीं हो पाता। आज वे आत्मनिर्भर होने के साथ-साथ अपने गांव की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनका मानना है कि सही अवसर, आत्मविश्वास और निरंतर मेहनत से महिलाएं किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं।
रीप परियोजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देना, महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना तथा स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को प्रोत्साहित करना है। रश्मि देवी की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन ग्रामीण आजीविका और महिला सशक्तिकरण को नई दिशा दे सकता है।


