दिनांक : 2026-07-10 14:20:00
- नई टिहरी सी-ब्लॉक में एहतियातन तीन परिवार सुरक्षित स्थानांतरित
- सुरक्षा दीवार का कार्य लोनिवि प्राथमिकता पर करेगा पूर्ण
नई टिहरी। 8-9 जुलाई की रात्रि हुई लगातार भारी वर्षा और निर्माणाधीन सुरक्षा दीवार के कार्य में धीमी प्रगति को देखते हुए जिला प्रशासन ने नई टिहरी के सी-ब्लॉक, टाइप-3 आवासीय परिसर में एहतियातन तीन परिवारों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कर दिया है। प्रशासन ने इसे जन-सुरक्षा के दृष्टिकोण से की गई त्वरित कार्रवाई बताया है।
क्षतिग्रस्त पुस्ता से बढ़ा खतरा
तहसीलदार टिहरी की आख्या के अनुसार, सुरक्षा दीवार के ठीक ऊपर स्थित आवास संख्या 4, टाइप-3, सी-ब्लॉक के आंगन-चौक का पुस्ता क्षतिग्रस्त पाया गया। इस भवन में तीन परिवार निवासरत थे, जिसके चलते आगामी मानसून को देखते हुए खतरे की आशंका बढ़ गई थी।
डीएम ने किया मौके का निरीक्षण
डीएम नितिका खण्डेलवाल ने शुक्रवार सुबह मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। एसडीएम कमलेश मेहता ने बताया कि आवास संख्या 4/1, 4/3 और 4/4 में रह रहे परिवारों को तत्काल भवन खाली कराकर सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया गया। आवास संख्या 4/2 पहले से रिक्त थी। प्रभावित परिवारों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
संवेदनशील भवन पर खतरे का चिन्ह
प्रशासन ने संवेदनशील भवन पर खतरे का चिन्ह अंकित कर दिया है। ढाल को तिरपाल और बालू के थैलों से सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही पुलिस को क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर 24 घंटे निगरानी रखने और पहुंच-नियंत्रण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
लोनिवि करेगा शेष निर्माण
एसडीएम ने बताया कि सुरक्षा दीवार का शेष निर्माण कार्य अब लोक निर्माण विभाग नई टिहरी द्वारा अनुमोदित डिजाइन के अनुसार प्राथमिकता पर तत्काल पूरा कराया जाएगा। निर्माण व्यय संबंधित भूस्वामी द्वारा वहन किया जाएगा। कार्य में विलंब न हो, इसके लिए विभाग ने धनराशि की प्रतीक्षा किए बिना ही निर्माण कार्य प्रारंभ करा दिया है।
अवैज्ञानिक उत्खनन की जांच के निर्देश
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्थल पर हुए अवैज्ञानिक उत्खनन से लोक जीवन और सुरक्षा को उत्पन्न खतरे के संबंध में पुलिस को जांच कर विधि अनुसार स्वतंत्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही की पुनरावृत्ति रोकने के लिए जिम्मेदारी तय की जाएगी।
सुरक्षा प्रमाण-पत्र के बाद होगी वापसी
जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि संवेदनशील क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। सुरक्षा दीवार का निर्माण पूर्ण होने तथा सुरक्षा प्रमाण-पत्र प्राप्त होने के बाद प्रभावित परिवारों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान एडीएम शैलेंद्र नेगी, एसडीएम कमलेश मेहता, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अधिकारी, खनन अधिकारी रवि और आपदा अधिकारी बृजेश भट्ट सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।