दिनांक : 2026-09-26 02:35:00
देहरादून। उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक चार अक्तूबर को पहली बार चंपावत जिले के बनबसा में आयोजित की जाएगी। बैठक को लेकर सचिवालय स्तर पर तैयारियां शुरू हो गई हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विधानसभा क्षेत्र चंपावत में होने वाली इस बैठक को प्रशासनिक और राजनीतिक, दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कैबिनेट बैठक चार अक्तूबर को सुबह 11 बजे बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में प्रस्तावित है। बैठक में राज्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, परिवहन और पर्यटन समेत विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर विचार किया जा सकता है। हालांकि, बैठक में लिए जाने वाले निर्णय कैबिनेट के समक्ष रखे जाने वाले प्रस्तावों पर निर्भर करेंगे।
पहले भी देहरादून से बाहर हुई हैं कैबिनेट बैठकें
उत्तराखंड में इससे पहले भी विभिन्न सरकारों के कार्यकाल में देहरादून से बाहर कैबिनेट बैठकें आयोजित होती रही हैं। वर्ष 2010 में तत्कालीन मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक की सरकार ने गंगा प्रदूषण के खिलाफ अभियान के दौरान हरिद्वार की हरकी पैड़ी में कैबिनेट बैठक की थी। वर्ष 2012 में विजय बहुगुणा सरकार ने चमोली जिले के गैरसैंण में कैबिनेट बैठक आयोजित की। इसके बाद हरीश रावत सरकार ने भी हरिद्वार, अल्मोड़ा और केदारनाथ में कैबिनेट बैठकें की थीं।
गैरसैंण में विधानसभा सत्र की तैयारी
वहीं, उत्तराखंड विधानसभा का सत्र 26 अक्तूबर से पहले आयोजित किया जाना है। सरकार की ओर से सत्र गैरसैंण में कराने की तैयारी चल रही है। इसके लिए कैबिनेट ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को अधिकृत किया है और अब अंतिम निर्णय का इंतजार है। सूत्रों के अनुसार, विधानसभा सत्र 22 से 24 अक्तूबर के बीच आयोजित किया जा सकता है। हालांकि, सत्र की अंतिम तारीखों पर औपचारिक निर्णय होना बाकी है। चुनावी वर्ष में गैरसैंण में विधानसभा सत्र आयोजित करने को पर्वतीय क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देने के लिहाज से भी देखा जा रहा है। कैबिनेट बैठक और विधानसभा सत्र की तैयारियों के बीच शासन स्तर पर संबंधित विभागों से प्रस्ताव और जरूरी जानकारी जुटाने की प्रक्रिया भी तेज होने की संभावना है।