दिनांक : 2026-07-21 23:52:00
कोटद्वार। नकली सोने के आभूषणों के सहारे ज्वैलर्स को लाखों रुपये का चूना लगाने वाले अंतरराज्यीय ठग गिरोह का पौड़ी पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए राजस्थान के तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 6 लाख रुपये नकद और चार सोने की चेन बरामद की गई हैं, जबकि गिरोह का एक अन्य सदस्य अभी फरार है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सर्वेश पंवार के निर्देशन में गठित पुलिस टीमों ने प्रभावी रणनीति और तकनीकी जांच के जरिए इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने पहले ज्वैलर्स का विश्वास जीता और फिर नकली सोने के आभूषण देकर करीब 8 लाख रुपये की ठगी को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक, 19 जुलाई को कोटद्वार निवासी ज्वैलर्स विभाष अग्रवाल ने कोतवाली में तहरीर देकर बताया कि एक व्यक्ति रघुवीर पहले कई बार असली सोने की अंगूठी गिरवी रखकर पैसे लेता और समय पर लौटाकर अपना सामान छुड़ा लेता था। विश्वास बनने के बाद वह अपने साथी के साथ दुकान पर पहुंचा और बेटी की शादी का हवाला देकर सोने के पेंडल के बदले तैयार आभूषण और नकद धनराशि ले गया। बाद में जांच में पेंडल नकली निकले और आरोपी मोबाइल बंद कर फरार हो गए।
मामले में कोतवाली कोटद्वार में बीएनएस की धारा 318(4) के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। विवेचना के दौरान लगभग 170 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और सर्विलांस के जरिए आरोपियों की गतिविधियों का पता लगाया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी बस से कोटद्वार आए थे और वारदात के बाद नजीबाबाद चले गए थे।
लगातार निगरानी और मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने रेलवे स्टेशन कोटद्वार से राजस्थान निवासी रघुवीर नायक, विक्रम भोपा और बलवीर नायक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से 6 लाख रुपये नकद और चार सोने की चेन बरामद की हैं। गिरोह के एक अन्य सदस्य नीरज की तलाश जारी है।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पहले किसी ज्वैलर्स के यहां असली सोने के आभूषण गिरवी रखकर समय-समय पर ब्याज सहित उन्हें छुड़ाते थे। कई बार लेन-देन के बाद विश्वास कायम होने पर सोने की परत चढ़े नकली आभूषण गिरवी रखकर उनके बदले 60 से 70 प्रतिशत मूल्य के असली सोने के आभूषण और नकदी लेकर फरार हो जाते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी कोटद्वार के बाद कलालघाटी क्षेत्र के एक अन्य ज्वैलर को भी इसी तरह निशाना बनाने की तैयारी में थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार मुख्य आरोपी रघुवीर नायक के खिलाफ उत्तर प्रदेश में एनडीपीएस एक्ट और धोखाधड़ी सहित कई आपराधिक मुकदमे पहले से दर्ज हैं। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।