दिनांक : 2026-09-01 19:48:00
देहरादून : “धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, प्राणियों में सद्भावना हो और विश्व का कल्याण हो” के संदेश के साथ प्राचीन श्री शिव मन्दिर, धर्मपुर चौक, देहरादून का वार्षिक उत्सव मंगलवार को विशाल कलश यात्रा एवं भव्य शोभा यात्रा के साथ प्रारम्भ हो गया।
कलश यात्रा का शुभारम्भ टपकेश्वर महादेव मन्दिर के 108 महन्त श्री कृष्णगिरि जी महाराज, दिगम्बर श्री भरतगिरि जी महाराज, मन्दिर समिति के अध्यक्ष सीताराम भट्ट, देवेन्द्र अग्रवाल, सर्व व्यवस्था प्रमुख दीपक शर्मा, आत्माराम शर्मा, कार्यक्रम संयोजक दिनेश चमोली तथा सुरेन्द्र गुप्ता ने मन्दिर का धर्मध्वज घुड़सवारों को सौंपकर एवं ध्वजारोहण कर किया।
शोभा यात्रा की अगुवाई 21 स्कूटी सवार दुर्गावाहिनी की बहनों ने झांसी की रानी के स्वरूप में की। वहीं 31 मोटरसाइकिल सवार शिवभक्त यातायात नियमों का पालन करते हुए जयघोष और धर्मध्वज के साथ आगे चल रहे थे।
यात्रा में भगवान गणेश की आकर्षक झांकी, वनवासी वेश में भगवान राम-लक्ष्मण, राम दरबार, हनुमान जी, श्रीकृष्ण-रुक्मिणी एवं सुदामा प्रसंग सहित अनेक मनमोहक झांकियां शामिल रहीं। भगवान शिव की बारात विशेष आकर्षण का केन्द्र रही, जिसमें भूत-पिशाच, ऋषि-मुनि, नारद, नंदी, ब्रह्मा, विष्णु तथा राजा-महाराजाओं के स्वरूप ढोल-नगाड़ों की धुन पर झूमते नजर आए।
उत्तराखण्ड की समृद्ध संस्कृति की झलक प्रस्तुत करती नन्दा देवी राजजात यात्रा तथा गुजराती परिवेश में महिलाओं द्वारा प्रस्तुत डांडिया नृत्य ने दर्शकों का मन मोह लिया। राधा-कृष्ण की अलौकिक झांकी और मोर नृत्य भी आकर्षण का केन्द्र रहे। गोवर्धन शिशु मन्दिर के बच्चों ने घोष के साथ जयकारे लगाए।
यात्रा में 351 महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर सहभागिता की। व्यास जी के रथ के साथ श्रीमद्भागवत महापुराण को मन्दिर समिति के अध्यक्ष सीताराम भट्ट ने श्रद्धापूर्वक अपने मस्तक पर धारण किया। कार्यक्रम संयोजक दिनेश चमोली, देवेन्द्र अग्रवाल एवं सुरेन्द्र गुप्ता चंवर डुलाते हुए साथ चल रहे थे। विभिन्न बैंड, शहनाई, घोड़े और रथों ने शोभा यात्रा की भव्यता को और बढ़ाया।
कलश यात्रा का जगह-जगह पुष्पवर्षा एवं जलपान के साथ श्रद्धापूर्वक स्वागत किया गया। शोभा यात्रा में धर्म, संस्कृति और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। ब्राह्मणों द्वारा यज्ञ के माध्यम से प्रकृति एवं पर्यावरण संरक्षण की भावना को जन-जन तक पहुंचाया गया, जबकि कूड़ा निस्तारण के लिए स्वयंसेवकों की टीमें पूरी यात्रा के दौरान सक्रिय रहीं।
प्रातः 11 बजे प्रारम्भ हुई कलश यात्रा दोपहर 1:30 बजे मन्दिर परिसर में सम्पन्न हुई। यात्रा को व्यवस्थित एवं यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए स्वयंसेवकों ने प्रत्येक झांकी के साथ अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। विभिन्न स्थानों पर जलपान वितरण में भी सेवाभाव से सहयोग किया गया।
इसके पश्चात व्यास जी का स्वागत किया गया तथा श्रीमद्भागवत पूजन एवं सुखदेव जी का पूजन कर श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया।
मन्दिर समिति के अध्यक्ष सीताराम भट्ट ने बताया कि प्रखर वक्ता एवं ख्यातिलब्ध आचार्य अरुण सती के मुखारविन्द से श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण कराया जाएगा। कथा की ज्ञानगंगा 2 सितम्बर से 8 सितम्बर 2026 तक प्रतिदिन अपराह्न 2 बजे से सायं 6 बजे तक प्रवाहित होगी।
उन्होंने बताया कि 9 सितम्बर 2026 को भगवान की छठी के अवसर पर विशाल भण्डारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं को सादर आमंत्रित किया गया है।
कलश एवं शोभा यात्रा का हरला प्रतिष्ठान, अग्रवाल ट्रेडर्स, विक्टर ड्राईक्लीनर्स, चौधरी सप्लायर्स, गौतम, नीरज फल एवं सब्जी भण्डार, चिलीज रेस्टोरेंट, सुविधा स्टोर, पार्षद विवेक कोठारी, पार्षद अमित भंडारी, शिवभक्त नेहरू कॉलोनी, पंकज डेयरी, प्रिन्स गिफ्ट गैलरी, राहुल डेयरी, चंचल स्वीट शॉप, आहूजा स्वीट शॉप, एडवोकेट विकास ठाकुर एवं भूपेन्द्र ढोंडियाल सहित अनेक श्रद्धालुओं और संस्थाओं ने भव्य स्वागत कर महाराज जी का तिलक किया।
