दिनांक : 2026-10-10 16:20:00
देहरादून : उत्तराखण्ड में मानसून की विदाई के बाद भी मौसम का मिजाज तल्ख बना हुआ है। प्रदेश के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं ने जनजीवन प्रभावित किया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के देहरादून केंद्र ने 10 अक्टूबर को प्रदेश के सभी 13 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। वहीं, नौ जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों तक पर्वतीय इलाकों में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी के भी आसार हैं।
नौ जिलों में आंधी-तूफान और बिजली चमकने की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के पूर्वानुमान के अनुसार, देहरादून, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, नैनीताल, चम्पावत, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली चमकने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। प्रदेश के अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश और गर्जन की स्थिति बनी रह सकती है।
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक सीएस तोमर के अनुसार, मानसून की विदाई के बाद उसके प्रभाव और पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि अगले दो दिनों तक पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम खराब रह सकता है। खासकर 3,500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बर्फबारी और निचले क्षेत्रों में बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग ने चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को पहाड़ी मार्गों पर सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
चमोली में बारिश से थराली-वाण मोटर मार्ग बाधित
चमोली जिले में लगातार हो रही बारिश का असर सड़क यातायात पर पड़ रहा है। देवाल विकासखंड में बारिश के चलते थराली-वाण मोटर मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है। शुक्रवार, 9 अक्टूबर को पहाड़ी से भारी मात्रा में बोल्डर और मलबा सड़क पर आ गिरा, जिसकी चपेट में एक वाहन मलबे के बीच फंस गया।
हालांकि, इस घटना में किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन सड़क पर पानी के तेज बहाव और कीचड़ के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इससे स्थानीय ग्रामीणों और यात्रियों की आवाजाही प्रभावित हुई।
ऊधम सिंह नगर में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
ऊधम सिंह नगर जिले के गदरपुर, दिनेशपुर और बाजपुर में शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी-तूफान के साथ हुई ओलावृष्टि से धान समेत अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचने की खबर है।
तेज हवाओं के चलते कई बिजली के खंभे उखड़ गए और बड़े-बड़े पेड़ धराशायी हो गए। कई घरों की टीन की छतें भी उड़ गईं। इसी दौरान हाईवे पर तेज हवा के थपेड़ों से एक बड़ा कंटेनर चलती कार के ऊपर पलट गया। गनीमत रही कि कार में सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए।
हरिद्वार में मूसलाधार बारिश, बड़े ओलों से गाड़ियों के शीशे टूटे
हरिद्वार में भी शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ली। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश के साथ भीषण ओलावृष्टि हुई। तेज बारिश और हवाओं के बीच कलेक्ट्रेट परिसर के पास एक पुराना पेड़ गिर पड़ा, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
रोशनाबाद और रावली क्षेत्रों में बड़े आकार के ओले गिरने से बाहर खड़ी कई गाड़ियों के शीशे टूट गए। अचानक बदले मौसम ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं।
उत्तरकाशी में बढ़ी ठिठुरन, काश्तकार चिंतित
उत्तरकाशी जिले के भटवाड़ी क्षेत्र में शुक्रवार शाम से तेज बारिश का दौर शुरू हो गया। बारिश के चलते घाटी में ठंड बढ़ गई है और पहाड़ी इलाकों में लोगों को ठिठुरन का सामना करना पड़ रहा है।
लगातार बदलते मौसम ने काश्तकारों की चिंता भी बढ़ा दी है। बारिश और तापमान में गिरावट के बीच किसानों को फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका सता रही है।
देहरादून और नैनीताल में बादलों का डेरा
राजधानी देहरादून और नैनीताल में भी आसमान में बादल छाए हुए हैं। देहरादून के कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाओं के चलते उमस से राहत मिली है। वहीं, तापमान में गिरावट के साथ गुलाबी ठंड का एहसास होने लगा है।
नैनीताल के पहाड़ी क्षेत्रों में भी गरज-चमक के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने दोनों जिलों में आकाशीय बिजली और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी है। मौसम में आए बदलाव के चलते ऊंचाई वाले पर्यटन स्थलों पर पहुंच रहे पर्यटकों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।
11 से 15 अक्टूबर तक कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 11 अक्टूबर के बाद प्रदेश में मौसम की तीव्रता धीरे-धीरे कम होने की संभावना है। हालांकि, पर्वतीय जिलों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी रह सकता है।
11 अक्टूबर: पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश और 3,500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में मौसम शुष्क रहने की संभावना है।
12 अक्टूबर: देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश, आकाशीय बिजली और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी संभव है। अन्य जिलों में मौसम साफ रह सकता है।
13 अक्टूबर: देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश और ऊंची चोटियों पर हिमपात की संभावना है। बाकी जिलों में मौसम शुष्क रहने के आसार हैं।
14 अक्टूबर: उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं बहुत हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है। अन्य जिलों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
15 अक्टूबर: देहरादून, उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में हिमपात संभव है। शेष जिलों में मौसम साफ रहने की संभावना है।
पहाड़ों में सतर्कता बरतने की अपील
उत्तराखण्ड में मौसम के अचानक बदलते मिजाज को देखते हुए पर्वतीय मार्गों पर सफर करने वाले लोगों, चारधाम यात्रियों और पर्यटकों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। बारिश के दौरान भूस्खलन, मलबा आने और सड़कें बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में यात्रा से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी है। ऊंचाई वाले इलाकों में जाने वाले पर्यटक मौसम विभाग की चेतावनियों को ध्यान में रखकर ही आगे बढ़ें।
फिलहाल उत्तराखण्ड में मानसून की विदाई के बाद भी मौसम की सक्रियता बनी हुई है। मैदानी इलाकों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं से नुकसान सामने आया है, जबकि पहाड़ों में बारिश, ठंड और संभावित बर्फबारी ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।