दिनांक : 2026-09-05 16:54:00
सहारनपुर : सहारनपुर कलक्ट्रेट परिसर में स्थित अवैध मस्जिद के ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शनिवार सुबह शुरू हो गई। प्रशासन ने परिसर के सभी पांच प्रवेश द्वार सील कर दिए और आरएएफ समेत भारी पुलिस बल तैनात कर दिया। किसी भी बाहरी व्यक्ति को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई।
जिला जज की अदालत के 2 सितंबर के आदेश के बाद यह कार्रवाई शुरू की गई। रात में ही जेसीबी, डंपर और अन्य मशीनें परिसर में पहुंचा दी गई थीं। सुबह धीरे-धीरे मस्जिद के ढांचे को हटाने का काम शुरू हुआ। पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे। आसपास के इलाके में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई। अन्य जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया था।
ये है विवाद की वजह
इस विवाद की शुरुआत बजरंग दल के पूर्व प्रांत संयोजक विकास त्यागी की शिकायत से हुई थी। 24 मार्च 2025 को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में पीपी एक्ट के तहत याचिका दाखिल की गई। 16 जुलाई 2026 को सिटी मजिस्ट्रेट ने मस्जिद को अवैध करार देते हुए 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया।
मस्जिद पक्ष ने 20 जुलाई 2026 को जिला जज की अदालत में अपील दायर की। अदालत में 17 तारीखों पर सुनवाई के बाद 2 सितंबर को जिला जज ने सिटी मजिस्ट्रेट के फैसले को बरकरार रखते हुए अपील खारिज कर दी। इसके बाद प्रशासन ने ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की।
इकरा हसन हाउस अरेस्ट
इसी मामले में कैराना सांसद इकरा हसन को सहारनपुर जाने से रोकने के लिए उनके कैराना स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट किया गया। पुलिस बल ने उन्हें घर से निकलने नहीं दिया।
हाउस अरेस्ट किए जाने पर इकरा हसन ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा, “मैं सहारनपुर जाकर अधिकारियों से मिलना और क्षेत्र की जनता की आवाज उनके सामने रखना चाहती थी। क्या एक निर्वाचित सांसद का जनता से जुड़े मुद्दे पर अधिकारियों से मिलना भी अपराध हो गया है? लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि जनता की आवाज उठाने के लिए चुने जाते हैं। उन्हें रोककर उस आवाज को दबाया नहीं जा सकता।”
प्रशासन और पुलिस ने कहा कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। परिसर के आसपास बैरिकेडिंग की गई और खुफिया इनपुट के आधार पर पूरे जिले के माहौल पर नजर रखी जा रही है।