पीएम आवास योजना के कार्यों में देरी पर सचिव आवास डॉ. आर राजेश कुमार सख्त, धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी, 15 अगस्त से पहले परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश

दिनांक : 2026-07-14 22:27:00

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत हुई समीक्षा बैठक, तय समयसीमा में कार्य पूर्ण न करने वाले विकासकों पर होगी कार्रवाई

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत संचालित आवासीय परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए मंगलवार को सचिव आवास डॉ. आर राजेश कुमार की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न जिलों में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के एएचपी (अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप) घटक के अंतर्गत निर्माण कार्य कर रही कार्यदायी संस्थाओं और विकासकों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान कई परियोजनाओं में निर्माण कार्यों की धीमी गति सामने आने पर सचिव आवास डॉ. आर राजेश कुमार ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केंद्र सरकार की सबसे महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक है और इसके कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में संयुक्त मुख्य प्रशासक दिनेश प्रताप सिंह, उप सचिव आवास धीरेन्द्र रावत, अधिशासी अभियंता विनोद कुमार चौहान, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, सहायक अभियंता आकांक्षा चौहान, आवास विशेषज्ञ रोहित रंजन सहित विभिन्न परियोजनाओं से जुड़े विकासकों एवं कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

धीमी प्रगति पर जताई कड़ी नाराजगी

बैठक के दौरान सचिव आवास डॉ. आर राजेश कुमार ने परियोजनावार प्रगति की समीक्षा करते हुए पाया कि कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य निर्धारित गति से आगे नहीं बढ़ रहे हैं। इस पर उन्होंने संबंधित विकासकों को फटकार लगाते हुए स्पष्ट किया कि लाभार्थियों को समय पर आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि कई परियोजनाएं अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं, ऐसे में शेष कार्यों को युद्धस्तर पर पूरा कर लाभार्थियों को जल्द से जल्द मकानों का कब्जा उपलब्ध कराया जाना चाहिए। उन्होंने सभी विकासकों को परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

15 अगस्त से पहले कार्य पूरे करने की समयसीमा

समीक्षा बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद सभी विकासकों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया गया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत संचालित सभी परियोजनाओं के निर्माण कार्य 15 अगस्त 2026 से पूर्व पूर्ण किए जाएं। सचिव आवास डॉ. आर राजेश कुमार ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निर्धारित समयसीमा तक कार्य पूरे नहीं किए जाते हैं तो संबंधित विकासकों के विरुद्ध अनुबंध की शर्तों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि समय पर कार्य पूरा करने की जिम्मेदारी पूरी तरह संबंधित कार्यदायी संस्था और विकासक की होगी।

धौलास आवासीय परियोजना पर विशेष जोर

बैठक में सचिव आवास डॉ. आर राजेश कुमार ने मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) अधिकारियों को धौलास आवासीय परियोजना के अंतर्गत आवंटन संबंधी सभी प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन सभी परियोजनाओं की समीक्षा की गई जो पूर्णता के अंतिम चरण में हैं। अधिकारियों को लाभार्थियों को मकानों का हस्तांतरण (की-हैंडओवर) समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक तैयारियां अभी से पूरी करने को कहा गया।

सरकार की प्राथमिकता में आवासीय परियोजनाएं

राज्य सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत पात्र परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में विभाग लगातार परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर रहा है ताकि निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कर लाभार्थियों को जल्द राहत दी जा सके। मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जहां सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया कि विकास कार्यों में देरी अब किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

गरीबों के आवास का सपना समय पर पूरा हो : डॉ. आर राजेश कुमार

सचिव आवास डॉ. आर राजेश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना केवल एक निर्माण परियोजना नहीं बल्कि हजारों परिवारों के अपने घर के सपने से जुड़ी योजना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रत्येक पात्र लाभार्थी को समय पर आवास उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं में कार्यों की गति धीमी है, वहां तत्काल सुधार लाया जाए। सभी विकासकों को तय समयसीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने होंगे, अन्यथा अनुबंध के अनुरूप कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को भी नियमित निगरानी और स्थलीय निरीक्षण बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि किसी प्रकार की देरी न हो और लाभार्थियों को जल्द से जल्द उनके आवास उपलब्ध कराए जा सकें।

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