प्रेम सिंह राणा के राज्यमंत्री बनने पर चमोली में हर्ष की लहर

दिनांक : 2026-04-04 16:26:00

​चमोली। जनपद के सीमांत क्षेत्र मलारी और तेफना के मूल निवासी प्रेम सिंह राणा को उत्तराखंड सरकार द्वारा जनजाति आयोग का उपाध्यक्ष (राज्यमंत्री स्तर) नियुक्त किए जाने पर समूचे जनपद में उत्साह और खुशी का माहौल है। इस महत्वपूर्ण घोषणा के बाद से ही उनके पैतृक गांवों सहित जिला मुख्यालय में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। क्षेत्रीय जनता ने इस नियुक्ति को राणा के दशकों लंबे सामाजिक संघर्ष और निस्वार्थ जनसेवा का प्रतिफल बताया है।

​प्रेम सिंह राणा अपनी व्यवहार कुशलता, सादगी और मृदुभाषी स्वभाव के लिए विख्यात हैं। राजनीति के लंबे और चुनौतीपूर्ण सफर में भी उन्होंने अपनी जमीनी पकड़ और सरलता को बनाए रखा है, जो उनकी सबसे बड़ी शक्ति मानी जाती है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, राणा का व्यक्तित्व हमेशा से मिलनसार रहा है, जिसके चलते उन्हें हर वर्ग का स्नेह और समर्थन प्राप्त होता है। वे ​समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर रहना प्रेम सिंह राणा की पहचान रही है। पत्रकारिता और सामाजिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो उनके व्यक्तित्व के कुछ प्रमुख पक्ष उन्हें इस पद के लिए सर्वथा योग्य बनाते हैं । सीमांत क्षेत्रों (मलारी-तेफना) से गहरा जुड़ाव होने के कारण उन्हें जनजातीय समाज की बुनियादी चुनौतियों और धरातलीय समस्याओं का व्यापक अनुभव है। उनके लंबे सार्वजनिक जीवन और सांगठनिक कौशल का लाभ अब सीधे तौर पर प्रदेश के जनजाति समुदायों के सर्वांगीण विकास में देखने को मिलेगा।

स्थानीय निवासी पुष्कर सिंह राणा बताते हैं कि यह केवल एक व्यक्ति की नियुक्ति नहीं है, बल्कि यह पूरे सीमांत क्षेत्र के मान-सम्मान की बात है। हमें पूर्ण विश्वास है कि राज्यमंत्री के रूप में प्रेम सिंह राणा जनजातीय समाज के उत्थान के लिए नई विकास योजनाओं को धरातल पर उतारेंगे।”

प्रेम सिंह राणा के राज्य मंत्री बने से न केवल चमोली जनपद बल्कि पूरे प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में नई उम्मीद जगी है। लोगों का मानना है कि एक अनुभवी और संवेदनशील नेतृत्व मिलने से सीमांत क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार होगा।

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