नमामि गंगे के तहत पूर्वी नयार नदी पर स्वच्छता अभियान का आयोजन, छात्र-छात्राओं ने लिया संकल्प

दिनांक : 2026-03-29 20:05:00

जयहरीखाल/सतपुली : नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत ‘गंगा स्वच्छता पखवाड़ा’ के तहत आज राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जयहरीखाल और राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज सतपुली के संयुक्त तत्वावधान में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 16 मार्च से चल रहे इस पखवाड़े की कार्यक्रम श्रृंखला के तहत आज छात्र-छात्राओं ने पूर्वी नयार नदी में स्वच्छता अभियान चलाकर गंगा की सहायक नदियों को स्वच्छ रखने का संदेश दिया।इस अवसर पर गंगा स्वच्छता शपथ भी दिलाई गई, जिसमें सभी उपस्थित लोगों ने जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के तहत प्राकृतिक जल स्रोतों की स्वच्छता पर केंद्रित पोस्टर प्रतियोगिता और स्लोगन प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम के नोडल वरुण कुमार ने छात्र-छात्राओं को नमामि गंगे कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी देते हुए गंगा नदी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता की आधारशिला है और इसकी स्वच्छता के लिए सभी का सहयोग आवश्यक है।

इस अवसर पर राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज सतपुली के प्रधानाचार्य जी.एस. रावत ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा:”पर्यावरण संरक्षण और जल स्रोतों की स्वच्छता हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। नमामि गंगे जैसे कार्यक्रम न केवल नदियों की सफाई के लिए बल्कि युवा पीढ़ी में पर्यावरण के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। आज जिस तन्मयता से हमारे छात्र-छात्राओं ने इस अभियान में भाग लिया, वह देखकर विश्वास होता है कि आने वाली पीढ़ी अपनी नदियों और प्रकृति को सुरक्षित रखने में सक्षम होगी।”

कार्यक्रम का संचालन राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज के सहायक अध्यापक भुवनेश्वर प्रसाद थपलियाल ने किया। इस अवसर पर नोडल वरुण कुमार ने राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज के प्रधानाचार्य जी.एस. रावत एवं समस्त छात्र-छात्राओं का कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता के लिए हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में आदित्य बिष्ट, इशिता, सृष्टि, खुशी, जिया, मुस्कान, साक्षी, शालिनी, मनीषा सहित विद्यालय की बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर स्वच्छता अभियान को सफल बनाया और गंगा तथा उसकी सहायक नदियों की स्वच्छता का संदेश दिया।

 

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