दिनांक : 2026-02-03 08:19:00
ज्योतिर्मठ । ज्योतिर्मठ भू-धंसाव आपदा (जनवरी 2023) के तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद प्रभावित परिवारों की समस्याओं का ठोस समाधान न होने पर स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। सोमवार को ‘मूल निवासी स्वाभिमान संगठन, ज्योतिर्मठ’ के बैनर तले आपदा प्रभावितों ने उपजिलाधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी चमोली को एक 13-सूत्रीय ज्ञापन प्रेषित किया। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी तर्कपूर्ण मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो नगरवासी उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे।
अध्यक्ष भुवन चंद्र उनियाल के नेतृत्व में सौंपा ज्ञापन
संगठन के अध्यक्ष भुवन चंद्र उनियाल के नेतृत्व में दर्जनों मूल निवासी तहसील पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर मुखर हुए। ज्ञापन में प्रमुखता से उठाया गया है कि आपदा प्रभावितों को पूर्व में हुई प्रशासनिक वार्ताओं के आधार पर ₹40 लाख प्रति नाली की दर से सुरक्षित भूमि का मुआवजा दिया जाए। साथ ही, जिन निवासियों के भवन पूर्णतः क्षतिग्रस्त हो चुके हैं, उन्हें सुरक्षित स्थानों पर भूमि आवंटित की जाए और नए निर्माण के लिए मानकों के तहत तत्काल अनुमति प्रदान की जाए।
ट्रीटमेंट से पहले सीवरेज-ड्रेनेज पर जोर
संगठन ने वैज्ञानिक सर्वेक्षणों का हवाला देते हुए कहा कि जोशीमठ आपदा का मुख्य कारण सीवरेज और ड्रेनेज प्रणाली की विफलता थी। अतः किसी भी ट्रीटमेंट कार्य से पहले पूरे नगर में सुव्यवस्थित ड्रेनेज सिस्टम का कार्य शुरू किया जाना अनिवार्य है। इसके अतिरिक्त, असुरक्षित होम-स्टे को व्यावसायिक के बजाय आवासीय श्रेणी में रखकर मुआवजा देने, रोप-वे का संचालन पुनः शुरू करने और धौलीगंगा तट पर विष्णुप्रयाग से ऐरा पुल तक रिवर फ्रंट परियोजना के निर्माण की मांग भी प्रमुखता से रखी गई है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के अध्यक्ष भुवन चंद्र उनियाल, सभासद प्रवेश डिमरी, सभासद सुनील पंवार, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष अमित सती, समीर डिमरी ,प्रकाश नेगी, अनिल नंबुद्री, जयप्रकाश भट्ट, , महावीर बिष्ट और रविंद्र शाह सहित कई पदाधिकारी एवं आपदा प्रभावित मौजूद रहे।