उत्तराखंड कैबिनेट विस्तार : धामी सरकार के नए सिपहसालार तैयार

दिनांक : 2026-03-20 14:48:00

​देहरादून। उत्तराखंड की सियासत में आज का दिन बेहद अहम होने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहटों के बीच राजभवन में शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। शासन की ओर से जारी संकेतों के अनुसार, भाजपा के कई दिग्गज और अनुभवी चेहरों को इस बार कैबिनेट में जगह मिलने जा रही है। इस फेरबदल में क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधने के साथ-साथ अनुभव को भी प्राथमिकता दी गई है। हरिद्वार से लेकर भीमताल और देहरादून से लेकर रुद्रप्रयाग तक के कद्दावर नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाने की तैयारी है, जिसके लिए चयनित विधायक लोक भवन पहुंचने शुरू हो गए हैं।

​अनुभव और वरिष्ठता का संगम : मदन कौशिक की वापसी

मंत्रिमंडल विस्तार की सूची में सबसे प्रमुख नाम हरिद्वार विधानसभा से लगातार पांच बार के विजेता मदन कौशिक का है। वर्ष 2002 से 2022 तक अजेय रहे मदन कौशिक त्रिवेंद्र रावत सरकार में कैबिनेट मंत्री रहने के साथ-साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की बड़ी जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। 2022 के चुनाव में 15,000 से अधिक मतों के अंतर से जीत दर्ज करने वाले कौशिक के अनुभव का लाभ सरकार को आगामी चुनावों और सांगठनिक मजबूती में मिलने की उम्मीद है। उनके साथ ही रुड़की से तीन बार के विधायक प्रदीप बत्रा को भी कैबिनेट में शामिल किया जा रहा है। 2012 में कांग्रेस के टिकट पर और 2017 व 2022 में भाजपा के टिकट पर शानदार जीत दर्ज करने वाले बत्रा का कद पार्टी में लगातार बढ़ा है।

​पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों का संतुलन

रुद्रप्रयाग से लगातार दूसरी बार जीत का परचम लहराने वाले भरत सिंह चौधरी को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। 2017 और 2022 में अपनी सीट पर मजबूत पकड़ दिखाने वाले चौधरी को पर्वतीय क्षेत्र के युवा चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, भीमताल से विधायक राम सिंह कैड़ा का नाम भी इस सूची में शामिल है। वर्ष 2017 में निर्दलीय के रूप में अपनी ताकत दिखाने वाले कैड़ा ने 2022 में भाजपा के टिकट पर जीत हासिल की थी, और अब उन्हें सरकार में बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा रही है।

​राजपुर से खजान दास का बढ़ा कद

राजधानी देहरादून की राजपुर विधानसभा से लगातार दो बार (2017 और 2022) चुनाव जीतने वाले खजान दास भी आज पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। चार बार के विधायक रहे खजान दास इससे पूर्व 2002 और 2007 में धनोल्टी विधानसभा से लगातार चुनाव जीत चुके हैं। उनकी वरिष्ठता और सांगठनिक पकड़ को देखते हुए उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। लोक भवन पहुंचे खजान दास के चेहरे पर उत्साह साफ देखा जा सकता है। इस विस्तार के जरिए धामी सरकार ने गढ़वाल और कुमाऊं के बीच संतुलन बिठाने के साथ-साथ अनुभवी प्रशासकों की एक नई टीम तैयार करने का प्रयास किया है, जिससे राज्य के विकास कार्यों को नई गति मिलने की संभावना है।

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